दर्द के बाज़ार में खूब तरक्की कमा रहा हूंँ..

पहले दुकान थी, अब शोरूम चला रहा हूँ..!!

गरज गरज कर जताया बादल ने रंज तन्हाई का ,,

आंखों ने हांथ बढ़ाया है, अब दोनो साथ बरसेंगे..।।

आज भी न पुछा तुमने हाल मेरा, मगर तबियत अभी अच्छी है..!!

मुस्कुराहट थोड़ी झूठी है, मगर बात बिलकुल सच्ची है..!!

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